Tuesday, 8 August 2017

जोड़ के दर्द को दूर करे ये आहार

हम जो भी खाते हैं, उसी की तरह बन जाते हैं। यानी की खाना अच्‍छा हो या बुरा, हमारे शरीर पर उसका बहुत प्रभाव पड़ता है। आजकल जोडो़ का दर्द होना आम बात बन चुकी है जो कि लोंगो को उनकी 30 की उम्र से शुरु हो जाता है। यह एक प्रकोप की तरह है जो आजकल के छोटे उम्र के युवाओं को भी होने लग गया है। जोड़ का दर्द पैरों के घुटनों, गुहनियों, गदर्न, बाजुओं और कूल्‍हों में हो सकता है। व्‍यायाम के अलावा आपका खान-पान पौष्टिक और हेल्‍दी होना चाहिये, जो जोड़ के दर्द को कम कर के तुरंत आराम दिलाए। यहां पर 6 बेस्‍ट फूड दिये हुए हैं जो कि जोड़ के दर्द को कम करने में मदद करते हैं।

आहार जो कम करें जोडो़ के दर्द को-

साल्‍मन मछली 
यह मछली ओमेगा 3 फैटी एसिड का अच्‍दा स्‍त्रोत होती है। यह जोडो़ के दर्द से पैदा हुई सूजन को कम करने में मदद करती है।

बैरी 
स्‍ट्रॉबेरी या ब्‍लूबेरी जोडो़ के दर्द को कम करती हैं और आराम दिलाती हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट खासकर के बायोफ्लेवोनाइड दर्द को बहुत हद तक कम करता है।

सब्‍जियां 
ओमेगा 3 फैटी एसिड अगर बैलेंस ना हो तो जोडो़ का दर्द पैदा हो सकता है इसलिये इसे बैलेंस करने के लिये हरी सब्‍जियां जैसे, पालक, ब्रॉक्‍ली, प्‍याज, अदरक आदि का सेवन करें। कार्बोहाइड्रेट्स वाले आहार जैसे, पास्‍ता, ब्रेड, फ्राई फूड और जंक फूड से दूर रहें।


मेवे 
बादाम, काजू, अखरोठ और कद्दू के बीज में ओमेगा 3 फैटी एसिड तथा एंटी ऑक्‍सीडेंट पाया जाता है जो कि सूजन को कम कर के दर्द दूर करता है।

ऑलिव 
ऑयल इस तेल में कम वसा और बहुत सारा एंटीऑक्‍सीडेंट होता है जो‍ कि हड्डियों तथा दिल के लिये बहुत ही अच्‍छा होता है यह सूजन को कम करता है और मोटापा भी घटाता है।

संतरे का जूस
रिसर्च के अनुसार ठीक प्रकार से विटामिन सी का सेवन करने से हड्डियां कमजोर नहीं होती। नहीं तो हड्डियों की कमजोरी की वजह से ही जोडो़ में दर्द होता है। इसलिये रोजाना संतरे का जूस पिएं जिससे हड्डी तथा स्‍किन दोनों ही अच्‍छे रहें।

साल्‍मन मछली- यह मछली ओमेगा 3 फैटी एसिड का अच्‍दा स्‍त्रोत होती है। यह जोडो़ के दर्द से पैदा हुई सूजन को कम करने में मदद करती है। 
बैरी- स्‍ट्रॉबेरी या ब्‍लूबेरी जोडो़ के दर्द को कम करती हैं और आराम दिलाती हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट खासकर के बायोफ्लेवोनाइड दर्द को बहुत हद तक कम करता है। 
सब्‍जियां- ओमेगा 3 फैटी एसिड अगर बैलेंस ना हो तो जोडो़ का दर्द पैदा हो सकता है इसलिये इसे बैलेंस करने के लिये हरी सब्‍जियां जैसे, पालक, ब्रॉक्‍ली, प्‍याज, अदरक आदि का सेवन करें। कार्बोहाइड्रेट्स वाले आहार जैसे, पास्‍ता, ब्रेड, फ्राई फूड और जंक फूड से दूर रहें।
 मेवे- बादाम, काजू, अखरोठ और कद्दू के बीज में ओमेगा 3 फैटी एसिड तथा एंटी ऑक्‍सीडेंट पाया जाता है जो कि सूजन को कम कर के दर्द दूर करता है। 
ऑलिव ऑयल- इस तेल में कम वसा और बहुत सारा एंटीऑक्‍सीडेंट होता है जो‍ कि हड्डियों तथा दिल के लिये बहुत ही अच्‍छा होता है यह सूजन को कम करता है और मोटापा भी घटाता है। 
संतरे का जूस- रिसर्च के अनुसार ठीक प्रकार से विटामिन सी का सेवन करने से हड्डियां कमजोर नहीं होती। नहीं तो हड्डियों की कमजोरी की वजह से ही जोडो़ में दर्द होता है। इसलिये रोजाना संतरे का जूस पिएं जिससे हड्डी तथा स्‍किन दोनों ही अच्‍छे रहें। आहार के साथ ही आपको रोजाना व्‍यायाम भी करना चाहिये। यदि आपके पास ज्‍यादा समय नहीं रहता है तो जौगिंग या लंबी वॉक पर ही निकल जाया करिये। व्‍यायाम करने से मोटापा दूर होगा जो कि जोडो़ में दर्द होने का एक विषेश कारण है।
 

Monday, 7 August 2017

इन 4 तरीकों से आप लड़की को सेक्स के लिए उत्तेजित कर सकते हैं

सेक्स करना हर किसी को पसंद है। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि तनाव भरी जिंदगी में कभी लड़की को सेक्स करने का मन होता है तो लड़का राजी नही होता तो कभी लड़की का मन नही होता है। लेकिन इन कारणों से अक्सर आम जीवन में एक तनाव बनने लगता है। लेकिन क्या आपको पता है अगर लड़की का मन नही हो सेक्स करने का और उसे आपको राजी करना हो तो कैसे करोगे। कुछ बेहद आसन और सरल चीजों को अपना कर लड़की को सेक्स के लिए बड़ी आसानी से राजी कर सकते हैं।

1 – लड़की के गर्दन के पीछे किस करें: ऐसा नही होता है की आप पहुंचे और सेक्स करना शुरू कर दें। सेक्स करने से पहले लड़की को राजी करने के लिए उसके साथ थोड़ी प्यार भरी बाते करे और फिर उनके गर्दन को सहलाते हुए उसे kiss करे। इस तरह अंदाज आपके प्रति लड़की को सेक्स के उत्तेजित करेगा।

2 – बॉडी मसाज: लड़का हो या लड़की दोनों थकान से परेशान तो होते हैं। लेकिन सेक्स के पहले आप अपनी महिला साथी के शरीर पर थोड़ा मसाज कर उनके नाजुक अंगो को छुएंगे तो इससे आपकी महिला साथी को एक अलग अनुभव प्राप्त होगा और सेक्स अपने चरम पर पहुंचेगा।

3 – पीछे से कसकर पकड़ना: देखिए प्यार का इजहार करना यह बुरा नही होता है और आप कैसे करते हैं उसपर सब निर्भर होता है। अगर आप लड़की को पीछे से पकड़ के उसके कान में धीरे-धीरे बोले तो उसके अंदर एक उत्तेजना जरुर उठेगी और वह चाहेगी की आप अधिक विलंब न करते हुए शुरू हो जायें।

4- बिस्तर पर मस्ती: बिस्तर पर आने का मतलब सोना नही होता है। लड़की के साथ बिस्तर पर हो तो उसके साथ मस्ती करो फिर उसके कोमल अंगो को kiss करना शुरू करो। जितना धीरे धीरे करोगे उसका मजा उतना तेजी से आएगा। जब लड़की उत्तेजित हो तो आप उनसे सेक्स कर चरम सुख प्राप्त कर सकते हैं।

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Wednesday, 2 August 2017

ब्रेस्ट साइज़ कम करने के तरीके – स्तनों का आकार घटाने के घरेलू नुस्खे

बड़े स्तन एक महिला की सुंदरता में काफी वृद्धि करते हैं, परन्तु ज़रुरत से ज़्यादा बड़े स्तन ना सिर्फ उनकी परेशानी बढ़ाते हैं बल्कि कई बार उन्हें इसके लिए शर्मिन्दा भी होना पड़ता है। महिलाएं अपने स्तनों को हमेशा ही सुडौल तथा बेहतरीन बनाना चाहती हैं।

बड़े स्तनों (वक्षों) के मुख्य कारण वज़न का बढ़ना, मोटापा, हार्मोनल परिवर्तन (hormonal changes), स्तनों में दूध बनना (lactation), आनुवांशिकता (genetics) तथा नशीली दवाओं के साइड इफेक्ट्स (side effects) आदि हो सकते हैं। इनसे गले में दर्द, स्तनों का कैंसर (breast cancer),जोड़ों तथा पीठ में दर्द आदि स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं। ब्रेस्ट का आकार कैसे कम करें? नीचे स्तनों का आकार कम करने के कुछ उपाय बताये जा रहे हैं।

ब्रेस्ट कम करने के लिए – ग्रीन टी (Reduce breast size in Hindi with green tea)

ग्रीन टी वज़न घटाने में काफी लाभदायक सिद्ध होती है और इसका प्रयोग स्तनों का आकार घटाने में भी किया जा सकता है। ग्रीन टी में कथेचिंस (cathechins) मौजूद होते हैं जो शरीर को कैलोरी (calorie) घटाने में मदद करके शरीर का वसा कम करते हैं और आपका वज़न भी घटाते हैं। यह स्तनों के आकार को भी छोटा करने में भी सहायक होता है। ग्रीन टी स्तनों के कैंसर के खतरे को भी काफी कम करती है। 1 चम्मच ग्रीन टी के पत्तों को एक कप गर्म पानी में मिलाएं। इसे कुछ मिनटों तक ढककर रखें। अब इस मिश्रण को छान लें तथा इसमें थोड़ा शहद मिलाएं। हर रोज़ कुछ महीनों तक 3 से 4 कप ग्रीन टी का सेवन करें।

छाती कम करने के उपाय अंडे का सफ़ेद भाग (Home remedies to breast reduction in Hindi with egg white)

 स्तन का आकार कम करने के लिए अंडे की सफेदी भी स्तनों का आकार कम करने में सहायक होती है। यह आपके स्तनों को सुडौल बनाती है तथा छाती के भाग में कसावट लाकर स्तनों (वक्ष) को छोटा प्रतीत करवाती है। एक अंडे के सफ़ेद भाग को फेंटकर महीन बना लें। इस पेस्ट (paste) को अपने स्तनों के नीचे लगाएं और इसे आधे घंटे के लिए छोड़ दें। अब एक गिलास में प्याज का रस मिश्रित करें। इस मिश्रण से अंडे की सफेदी लगी जगह को धो लें। इस प्रक्रिया का प्रयोग कुछ हफ़्तों के लिए हर रोज़ करें और कसे हुए छोटे स्तन पाएं।

छाती को कम करने के उपाय आहार में परिवर्तन (Desi ilaaj to reduce breast size in Hindi with diet changes)

ऐसे स्वस्थ और संतुलित आहार का चयन करें जिससे आपके शरीर का वज़न नियंत्रित रहे तथा वसा जमने ना पाए। इससे आपके स्तन भी प्राकृतिक रूप से छोटे हो जाएंगे। अपने आहार में जितने हो सकें ताज़े और जैविक फलों को शामिल करें। फल पानी से भरपूर होते हैं और इनमें एंटीऑक्सीडेंट (antioxidant) के गुण होते हैं, जिससे आपको वज़न घटाने और स्वस्थ बने रहने में सहायता मिलती है। केल, ब्रॉकली (kale, broccoli), पालक आदि हरी सब्ज़ियों का ज़्यादा से ज़्यादा सेवन करें। प्रोटीन (protein) प्राप्त करने के लिए मछली का सेवन करें। मछलियों में कैलोरी की मात्रा कम होती है जिससे वज़न घटाने में सहायता मिलती है। नट्स (nuts) का सेवन ज़्यादा करें क्योंकि ये शक्ति से भरपूर होते हैं और आपके वज़न को नियंत्रित करने में सहायता करते हैं। खाने में नमक, अस्वास्थ्यकर वसा तथा चीनी का प्रयोग कम करें। प्रोसेस्ड (processed), चर्बीयुक्त तथा ज़्यादा तली हुए भोजनों से दूर रहें। काफी मात्रा में पानी तथा फल और सब्ज़ियों के रस का सेवन करें। सॉफ्ट ड्रिंक्स (soft drinks) तथा अन्य पेय पदार्थ, जिनमें आर्टिफिशियल स्वीटनर्स (artificial sweeteners) शामिल हों, से परहेज़ करें।

ब्रेस्ट कम करने के उपाय ब्रेस्ट मसाज से (Massage se breast kam karne ke tips in hindi)

मसाज वज़न घटाने का एक सदियों पुराना तरीका है और इससे आपके स्तनों का आकार भी काफी कम हो जाएगा। स्तनों पर मसाज करते समय दोनों स्तनों (वक्ष) को बराबर समय दें। स्तनों पर गर्म जैतून का तेल (olive oil) या नारियल का तेल लगाएं। इस प्रक्रिया के लिए अपने बीच की ऊँगली और अनामिका (ring finger) का इस्तेमाल करें। अपने स्तनों पर गोलाकार तथा ऊपर हाथ चलाने की मुद्रा में करीब 10 मिनट तक मालिश करें। इस प्रक्रिया का पालन कम से कम 3 महीने तक हर रोज़ दो बार करें। इससे स्तनों के आकार में अवश्य कमी आएगी।

ब्रेस्ट कम करने के लिए नीम और हल्दी (Neem and turmeric se breast ka aakar kam)

 नीम और हल्दी स्तनपान के दौरान स्तनों में हुई जलन और सूजन दूर करने में काफी कारगर साबित होते हैं। इन पदार्थों में जलनरोधी गुण होते हैं। इनके प्रयोग से आपके स्तनों का आकार अपने आप ही कम हो जाएगा। 4 कप पानी में 10 मिनट तक मुट्ठीभर नीम की पत्तियों को उबालें और फिर इन्हें छान लें। इन्हें अच्छे से मिलाएं तथा इसमें 2 चम्मच हल्दी और थोड़ा सा शहद डालें। इस पानी को कुछ महीनों तक रोजाना पियें।

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Tuesday, 1 August 2017

ब्रेस्ट बढ़ाने के घरेलू उपाय


स्तनों को स्त्री के शरीर का सबसे खूबसूरत और आकर्षक अंग कहा जाता है। यह स्त्रीत्व का प्रतीक हैं। यदि आपमें से कोई ऐसा है जो अपने स्तनों के आकर को लेकर संतुष्ट नहीं है तो आपको निराश होने की ज़रूरत नहीं है। आप अपने स्तनों को बढ़ाने के लिए कुछ सरल घरेलू उपचारों की मदद ले सकती हैं।

1. स्तन बढ़ाने के घरेलू उपाय करें व्यायाम से – Exercises for Breast Enhancement in Hindi

 सुडौल और बड़े आकार के स्तन पाने में व्यायाम हमेशा ही सबसे उपयोगी साबित हुए हैं। स्तन को बढ़ाने के लिए आप पुश-अप, डम्बल से ब्रेस्ट प्रेस, वाल प्रेस आदि व्यायाम कर सकती है। इन व्यायामो में बाजुओं और कंधों की गतिविधियाँ भी शामिल है जो स्तन क्षेत्र के आसपास की त्वचा और मांसपेशियों के ऊतकों को टोन करती है। इससे आपके स्तनों को मजबूती मिलेगी और बड़े दिखाई देंगे।

2. ब्रेस्ट बढ़ाने का उपाय है जैतून के तेल से मालिश – Increase Breast Size By Massage in Hindi

मालिश आपके स्तनों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है। आपको हर दिन एक या दो बार 20 मिनट के लिए अपने स्तनों की नियमित रूप से मालिश करनी चाहिए। आप इसके लिए गुनगुने जैतून के तेल का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा आप तिल के तेल का भी उपयोग कर सकते हैं। कम से कम दो महीने के लिए ऐसा रोजाना करें।
थाई ट्रेडीशनल और ऑल्टर्नटिव मेडिसिन संस्थान के अनुसार नियमित रूप से स्तनों की मालिश आपके स्तनो का आकार बढ़ा सकती है। मालिश दो तरीकों से मदद करती है। सबसे पहले यह रक्त परिसंचरण को बढ़ाती है और दूसरा इससे ऊतकों को स्तन के भीतर फैलने में मदद मिलती है जिससे स्तन बड़े और मजबूत होते हैं।
गर्मी उत्पन्न करने के लिए अपने हथेलियों में तेल को लेकर दो से तीन मिनट के लिए रगड़ें।
अपने हाथो को अपने स्तनों पर रखें और अंदर की ओर एक गोल दिशा में घुमाएं।
सुबह और फिर बिस्तर पर जाने से पहले कम से कम 100 से 300 बार गोल दिशा में घुमाएं।
सकारात्मक परिणाम प्राप्त करने के लिए एक या दो महीने के लिए दिन में दो बार इस उपाय का पालन करें।

3. ब्रेस्ट बढ़ाने की दवा है मेथी – Fenugreek Helps to Increase Breast Size in Hindi

  मेथी एक बहुत ही उपयोगी आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है जो महिलाओं के स्तनो के आकार को बड़ा करना के लिए भी काम आती है। इसमें शक्तिशाली फाइटोस्टेग्रन्स शामिल होता हैं जो एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन की उत्तेजना से स्तनों के आकार को बढ़ाने में सहायता करते हैं। उपयोग के लिए, आप मेथी पाउडर और पानी को मिलाकर पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को स्तनों पर लगाएँ और 15 मिनट के बाद धो लें। आप ऐसा दिन में दो बार कर सकते हैं।

4. स्तन बढ़ाने का घरेलू नुस्ख़ा है प्याज का रस – Stan Badhane ki Dawa Onion Juice in Hindi

 प्याज का रस स्वस्थ और बड़े स्तनों को बढ़ावा देने में सहायक होता है। हर रात सोने से पहले शहद के साथ प्याज का रस मिलाकर स्तनों की मसाज करें। रात भर इस मिश्रण को लगाकर रखें और सुबह उठने के बाद धो लें। यह उपाय स्तनों का आकर बढ़ाने में फायदेमंद साबित होगा। आप ऐसा दैनिक रूप से कर सकते हैं।

5. ब्रेस्ट बड़ा करने के उपाय करें सौंफ़ बीज से – Fennel Seeds Benefits for Breast Growth in Hindi

 स्तनो का आकार बढ़ाने के लिए सौंफ़ बीज का भी उपयोग किया जा सकता है। यह एस्ट्रोजेन के उत्पादन को उत्तेजित करने में मदद करती है, एस्ट्रोजेन एक महिला हार्मोन है जो स्तनों के विकास को बढ़ावा देता है। सौंफ़ के बीज का उपयोग करने के लिए कॉड लिवर के तेल में सौंफ़ के बीज को गर्म करें जब तक तेल लाल नहीं हो जाता है। इसे ठंडा करने के बाद, अपने स्तनों की इस तेल के साथ 15 मिनट के लिए मालिश करें और एक घंटे बाद धो लें। इस उपाय को दिन में दो बार दोहराएं।

6. स्तन बढ़ाने के घरेलू उपचार करें केले से – Bananas Helps in Breast Enlargement in Hindi

 आप शायद इस तथ्य से परिचित होंगे कि स्तन वसा से बने होते हैं। तो बड़े और फुलर स्तनों को विकसित करने के लिए, आपको वसा की आवश्यकता होगी। इसलिए इसका एक अच्छा तरीका है केले का सेवन करना। यह आपके स्तन के विकास के लिए आवश्यक वसा पोषण प्रदान करने में मदद करेगा। आप रोजाना 2-3 केले खा सकते हैं।


7. ब्रेस्ट बढ़ाने का तरीका है शतावरी पाउडर – Breast Size Badhane ka Tarika Shatavari in Hindi

  शतावरी एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है जो कई स्वास्थ्य संबंधी विकारों में फायदेमंद है। महिलाओं की हर प्रकार की समस्याओं में यह बहुत लोकप्रिय है। इसका नियमित रूप से सेवन आपके स्तनों को बढ़ाने में मदद करेगा। आप सोने से पहले एक कप दूध के साथ 3 ग्राम शतावरी जड़ के पाउडर का सेवन कर सकते हैं। लगभग 2 महीने के लिए इसका सेवन रोज करें।

8. स्तन बढ़ाने के उपाय करें मसूर की दाल से – Red Lentils for Breast Growth in Hindi

 आम तौर पर इसे लाल मसूर की दाल के रूप में जाना जाता है, लाल दालें फ़्योटोस्ट्रोजन से भरी हुई है। ये हार्मोन स्तन ऊतक के विकास में सहायक होते हैं। इस सरल घरेलू उपाय का उपयोग करने के लिए, आपको सबसे पहले 2 घंटे के लिए गर्म पानी में लाल दाल को भिगोना होगा। इसके बाद इसका पेस्ट तैयार करें और अपने स्तनों पर लगाएँ और आधे घंटे के बाद धो लें। आप हर रोज या हर दूसरे दिन ऐसा कर सकते हैं।


9. ब्रेस्ट मसाज तेल है वीट जर्म ऑइल – Stan Badhane ka Tarika Wheat Germ Oil in Hindi

 यह तेल विटामिन ई जैसे कई महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरा हुआ है जो फुलर और सुडौल स्तनों को विकसित करने में सहायता करता है। इस तेल के साथ नियमित रूप से मालिश आपके स्तनों को बढ़ाने में सहायता करेगी। आप इस तेल के कुछ बूंद लें और मालिश करने से पहले अपने दोनों हथेलियों को थोड़ा गर्म करने के लिए रगड़ें। लगभग 10 मिनट के लिए दिन में दो बार मालिश करें।


10. स्तन बढ़ाने की दवा है मूली – Radish Increases Breast Size in Hindi

 मूली स्तनों के रक्त प्रवाह को बढ़ावा देने के लिए जानी जाती है। इससे स्तनो की वृद्धि में मदद मिलती है। अपने आहार में मूली को शामिल करें और नियमित आधार पर इसका उपभोग करें।

11. ब्रेस्ट साइज के लिए लाभकारी है लाल क्लोवर – Red Clover for Breast Enhancement in Hindi

 लाल क्लोवर को सामान्यत त्रिपात्रा के रूप में भी जाना जाता है। लाल तिपतिया घास स्तन वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए फायदेमंद है। इसमें फाइटोस्टारोगन है जो स्तन के ऊतको के विकास को उत्तेजित करता है। आप 10 मिनट के लिए एक गिलास पानी में इस जड़ी बूटी के सूखे फूलो को उबालकर लाल क्लोवर चाय तैयार कर सकते हैं। प्रभावी परिणाम के लिए हर दिन इस चाय के 2 कप पिएं।


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Monday, 31 July 2017

शुगर का ये देसी इलाज आपको दिलाएगा हर समस्यार से निजात!

 1. शुगर की देशी दवा

मधुमेह के साथ लोगों को हर दिन स्वास्थ्य समस्याओं के साथ सौदा करना पड़ता है. मधुमेह खराब खान-पान और अनियंत्रित आदतों की वजह से बढ़ जाता है. मधुमेह का कोई ऐसा इलाज नहीं है जिससे उससे पूरी तरह से खत्म किया जा सके इसलिए लोग अक्सर उसे अनुपचारित छोड़ देते है.

2. शुगर की देशी दवा


यह अंधापन, गुर्दे की बीमारी, रक्त वाहिनियों को नुकसान, संक्रमण, हृदय रोग, तंत्रिका क्षति, उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक, अंग विच्छेदन और कोमा आदि बीमारियों को पैदा कर सकता है. वैसे तो बाजार में मधुमेह का इलाज इन्सुलिन और मेडिसिन्स द्वारा उपलब्ध है मगर हम आपको कुछ ऐसे देसी इलाज बताएंगे जो आप घर बैठे कर सकते है.

3. प्राकृतिक कच्चा भोजन

प्राकृतिक कच्चा भोजन सभी प्रकार के रोगों के लिए सबसे अच्छी दवा है. कच्चा भोजन शरीर के एंजाइमों में मिल जाता है. ऐसे खाद्य पदार्थ जिन्हें कच्चा खाया जा सकता है उन्हें कच्चा भोजन बोलते है जैसे की स्प्राउट्स, फल, जूस, नट आदि.

4. प्राकृतिक कच्चा भोजन

ऐसा कच्चा भोजन जिनमें फाइबर अधिक अधिक होता यही वो धीरे-धीरे शुगर लेवल को शरीर से खींच लेते है और इससे शरीर में ब्लड शुगर का लेवल संतुलित रहता है. फाइबर ब्लड शुगर के लेवल को स्थिर रखने का सबसे अच्छा काम करता है. सेब, खुमानी, चुकंदर, जामुन, गाजर, खट्टे फल आदि फाइबर से भरपूर होते है.

5. अच्छा और संतुलित आहार

ऐसा आहार जो सब्जियों और फलों का एक परफेक्ट मिक्स हो जिसमें सभी विटामिन्स और मिनरल्स हो जोकि शरीर के लिए एंटीऑक्सीडेंट के रूप में शरीर को अनचाहे रोगों से बचाए और ब्लड शुगर के हाई लेवल को कम करके शुगर को संतुलन में रखे.

6. रोजाना व्यायाम

व्यायाम बिना किसी दवाई के मधुमेह को नियंत्रित करने की क्षमता रखता है. यह रोग की गंभीरता को कम कर देता है और काफी लंबे समय तक जटिलताओं के जोखिम को कम करता है. व्यायाम उन लोगों को जरूर मदद करता है जो शुगर से इसलिए ग्रस्त है क्यूंकि उनका वजन ज्यादा है. 

7. रोजाना व्यायाम

व्यायाम इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता को कम करके टाइप 2 मधुमेह के मूल कारण से निपटने के लिए मदद करता है. इसके अलावा नियमित व्यायाम कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और उच्च रक्तचाप को कंट्रोल में रखने में मदद करता है.

8. मेडिटेशन/ध्यान लगाना

ध्यान हमारे शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध को कम करता है. मेडिटेशन करने से कोर्टिसोल , एड्रेनालाईन और नार एड्रेनालाईन के रूप में तनाव हार्मोन इंसुलिन और ग्लूकोज के स्तर के उत्पादन को तेज करके शुगर लेवल को संतुलित करता है. ये पाचन सिंड्रोम और मधुमेह को सामान्य करने में मदद करता है.


Saturday, 29 July 2017

महिलाओं को बांझपन से मुक्‍ती दिलाए ये 8 घरेलू उपचार

कम से कम एक वर्ष तक नियमित, समयोचित एवं बिना किसी गर्भ-निरोधक का उपयोग करते हुए सम्भोग करने वाली स्त्री, जब गर्भधारण करने में असमर्थ रहती है, तो उसे बांझपन या बाँझपन से जुडी समस्या माना जाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, गर्भावस्था बनाए रखना और एक जीवित बच्चे को जन्म ना दे पाने में असमर्थता भी, बांझपन में ही सम्मिलित हैं। स्त्रियों में प्रजनन क्षमता विभिन्न स्वास्थ्य समस्यायों से प्रभावित हो सकती है, जैसे कि :- पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओ), ऐंडोमेटरिओसिज़, श्रोणि सूजन की बीमारी, गर्भाशय फाइब्रॉएड, एनीमिया, थायराइड की समस्याएं, अवरुद्ध फैलोपियन ट्यूबज़, कैंडिडा और यौन संचारित रोग (एसटीडी) इत्यादि ।

इसी प्रकार अधिक मदिरा-सेवन, धुम्रपान, आयु (35 वर्ष से अधिक), मोटापा, अत्यधिक-तनाव, अनियमित एवं दर्दपूर्ण माहवारी की समस्या, पोषण-रहित भोजन या फिर अत्यधिक शारीरिक-प्रशिक्षण भी स्त्री की गर्भ-धारण क्षमता को प्रभावित करते हैं । ऐसे में, इन-विट्रो-फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) या सरोगेट-मां के माध्यम से कई महिलाएं बच्चा प्राप्त करने में सफल हुई हैं। परन्तु हर एक स्त्री इन तकनीकों का इस्तेमाल नहीं कर सकती, क्योंकि महंगी होने के कारण यह हर एक की पहुँच में नहीं हैं।

इन परिस्थितियों में, कुछ प्राकृतिक और हर्बल उपचार भी बांझपन के मूल कारणों से लड़ने, और गर्भवती होने की संभावनाओं को बढाने में मददगार हैं। स्वस्थ जीवन-शैली, जैसे कि :- नियमित व्यायाम एवं स्वस्थ-आहार भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। यहाँ स्त्री-बाँझपन के निवारण हेतु आठ शीर्ष उपचार दिए गए हैं ।

1. अश्वगंधा 
यह जड़ी बूटी हार्मोनल-संतुलन को बनाए रखने और प्रजनन अंगों के समुचित कार्य-क्षमता को बढ़ावा देने में कारगर है । यह बार-बार हुए गर्भपात के कारण, शिथिल-गर्भाशय को समुचित आकर में लाकर उसे स्वस्थ बनाने में मदद करती है। गर्म पानी के एक गिलास में अश्वगंधा चूर्ण का 1 चम्मच मिश्रण बनाकर, दिन में दो बार लें ।

2. अनार 
यह गर्भाशय के रक्त प्रवाह में वृद्धि करता है, और गर्भाशय की दीवारों को मोटा कर के गर्भपात की संभावना को कम करने के लिए सहायक है। साथ ही, यह भ्रूण के स्वस्थ विकास को बढ़ावा देता है । अनार के बीज और छाल को बराबर मात्रा में मिलाएं उसका महीन चूर्ण बनाकर, एक एयर-टाइट जार में रख लें । कुछ हफ्तों के लिए दिन में दो बार गर्म पानी के एक गिलास के साथ इस मिश्रण का आधा चम्मच लें । आप ताजा अनार-फल भी खा सकते हैं, और अनार का ताज़ा रस भी पी सकते हैं ।

3. दालचीनी 
दालचीनी डिम्ब-ग्रंथि के सही-सही रूप से कार्य करने में मदद कर सकती है । और इस तरह से बांझपन से लड़ने में प्रभावशाली सिद्ध हो सकती है । यह पी सी ओ, बांझपन के मुख्य कारणों में से एक, के इलाज में भी मदद करती है। गर्म पानी के एक कप में, दालचीनी पाउडर का 1 चम्मच मिलाएं । कुछ महीनों के लिए दिन में एक बार इसे पीते रहें । इसके अलावा, अपने अनाज, दलिया, और दही पर भी दालचीनी पाउडर का छिड़काव कर के इसे अपने आहार में शामिल करें।

4. एक अच्छा-संतुलित आहार लें 
एक अच्छी तरह से संतुलित आहार लेना, प्रजनन क्षमता में सुधार के लिए एक और महत्वपूर्ण कारक है। एक स्वस्थ, संतुलित आहार स्वास्थ्य की उस दशा या बीमारियों को रोकने में मदद करता है जो बाँझपन का कारण हो सकती हैं साथ ही, यह गोदभराई की संभावना को बढाता है ।

5. खजूर 
 खजूर, गर्भ धारण करने के लिए, आपकी क्षमता को बढाने में मदद कर सकते हैं। इसमें कई पोषक तत्व होते हैं, जैसे कि:- विटामिन ए, ई और बी लोहा और अन्य ज़रूरी खनिज, जोकि एक महिला को गर्भ धारण करने के लिए और गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जन्म तक आवश्यक हैं। 2 बड़े चम्मच कटे हुए धनिये की जड़ के साथ 10 से 12 खजूर (बीज के बिना) पीस लें। पेस्ट बनाने के लिए गाय के दूध के ¾ कप मिलाएं और इसे उबाल लें। इसे पीने से पहले ठंडा होने दें। अपनी अंतिम माहवारी की तारीख से, एक सप्ताह के लिए, इसे दिन में एक बार पियें। एक स्वस्थ-नाश्ते के रूप में प्रतिदिन 6-8 खजूर खाते रहें और दूध, दही और स्वास्थ्य-पेय में भी कटे हुए खजूर का समावेश करें।

6. विटामिन-डी 
विटामिन-डी गर्भावस्था के लिए और एक स्वस्थ बच्चे को जन्म देने के लिए आवश्यक है। वास्तव में, विटामिन-डी की कमी, बांझपन और गर्भपात का कारण हो सकती है । सुबह- सुबह 10 मिनट के लिए धूप जरूर सेकें ताकि आपके शरीर में विटामिन-डी का निर्माण हो सके । विटामिन-डी से युक्त भोजन जैसे कि सामन (salmon), पनीर, अंडे की ज़र्दी और विटामिन-डी से सशक्त भोज्य-पदार्थों का सेवन करें । आप विटमिन-डी का सेवन गोलियों के रूप में भी कर सकती है परन्तु अपने चिकित्सक से परामर्श के बाद ।

7. बरगद के वृक्ष की जडें 
आयुर्वेद के अनुसार, बरगद के पेड़ की कोमल जडें महिला-बांझपन के इलाज में प्रभावी हैं । कुछ दिनों के लिए धूप में एक बरगद के पेड़ की कोमल जड़ों को सुखाएं । फिर इसका महीन चूरण बनाकर एक बंद डिब्बे में रख लें । एक गिलास दूध में चूरण के 1 से 2 बड़े चम्मच मिलाएं । माहवारी का समय खत्म होने के बाद लगातार तीन-रातों के लिए, खाली पेट इसे एक बार पियें । इसे पीने के बाद एक घंटे के लिए कुछ भी खाने से बचें । कुछ महीनों के लिए इस उपाय का पालन करें।

8. योग प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देने में मदद हेतु कुछ योगासन है जैसे कि :- नाड़ी- शोधन प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम, पश्चिमोत्तानासन, हस्तपादासन, जानू शीर्षासन, बाधा कोनासना, विपरीत-करणी और योग निद्रा इत्यादि । याद रखें, योग का लाभ लेने के लिए इसे ठीक-प्रकार से किया जाना चाहिए।

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Friday, 28 July 2017

महिलाओं की योनि में खुजली के कुछ प्रमुख कारण

महिलाओं या लड़कियों की योनि में खुजली होना एक आम समस्या है। यूं तो ज्‍यादातर महिलाएं इस बारे में खुल कर बात नहीं करती लेकिन जब यह समस्‍या असहनीय बन जाती है तब जा कर कुछ महिलाएं अपना मुंह खोलती हैं। योनि खुजली योनि (गुप्तांग) की बाहरी त्वचा पर खरोंचने की इच्छा को कहते हैं। यह एक कष्टप्रद समस्या है जिसका समय रहते इलाज बेहद जरूरी होती है। यह महिलाओं के लिए एक चिंताजनक समस्या है, खासकर अगर यह जीर्ण (क्रोनिक) रूप में होती है, और यह बहुत बड़ी असुविधा का कारण बन सकती है।

महिलाओं या लड़कियों की योनि में खुजली होने के कई कारण हो सकते हैं। इन कारणों में खमीर संक्रमण (ईस्‍ट इन्फेक्शन) होना, रोजाना सफाई-धुलाई न करने से अस्वच्छता का होना या फिर किसी एलर्जी के कारण हो सकता है। सेक्‍स, ज्‍यादा चीनी के सेवन, एंटीबॉयोटिक्‍स या फिर कमजोर इम्‍मयून सिस्‍टम की वजह से योनि में खमीर की संख्‍या बढ जाती है। यहां तक कि जो आप सुगन्‍धित बॉडी वॉश का प्रयोग करती हैं वह भी योनि के पीएच लेवल को बिगाड़ सकती है। ये दोनों कारण भी योनि के खुजली के कारक हो सकते हैं जिसका समय रहते रोकथाम और इलाज किया जाना बहुत जरुरी है।

योनि खुजली योनि की त्वचा और आसपास के क्षेत्र के एक झुनझुनी या असहज जलन है। खुजली प्रभावित क्षेत्र को खरोंचने के लिए इच्छा हो सकती है। खुजली और जलन दोनो एक खमीर संक्रमण है, इसके अलावा यह कैंडिडिआसिस के रूप में भी जाना जाता है और यह काफी आम है तथा इसके कई संभावित लक्षण हैं। लक्षण योनी मोटी, योनि से सफेद स्राव और लेबिया की सूजन, योनि के आसपास की त्वचा शामिल हैं। खमीर संक्रमण कभी कभी सेक्स के माध्यम से फैल सकता है, लेकिन हमेशा नहीं। ऐसी स्थिति में साफ-सफाई का ध्यान रखने के साथ डॉक्टर की उचित सलाह ली जानी चाहिए। अन्यथा शुरुआती संक्रमण और तकलीफदेह साबित हो सकता है।
यह समस्या खराब और गंदे अंडर गारमेंट पहनने से भी हो सकती है। साथ ही योनि के आसपास के अवांछित बालों को हटाने के दौरान रेजर या क्रीम के इस्तेमाल से हुई एलर्जी से भी खुजली हो सकती है।

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